Dil se
31.12.2025
कैसी हो मेरी जान......! ठंड बहुत बढ़ गई है अपना ध्यान रखना। सबसे पहले तुमको मेरी तरफ से नए साल की बहुत बहुत बधाई। और बताओ नए साल में तुमने क्या सोचा है..... मेरे और अपने इस प्यार को करीबियों में बदलोगी या फिर यूं ही जिंदगी गुजारने का इरादा है। ये जिंदगी चार दिन की है यार.....और हम तुम इस जिंदगी का आधे से अधिक हिस्सा जी चुके हैं। जो शेष बची है इसमें एक दूसरे को जी भरके जी लो.... एक दूसरे को पा लो। वरना जीवन भर की ये कसक हमारे तुम्हारे साथ ही चली जाएगी। और बताओ....क्या कर रही थीं....! मैं तो तुमको सोच रहा हूं....सिर्फ तुमको ! तुम एक भाव हो मेरे दिल का.....मैं जब भी जरा फ्री हुआ फौरन तुम्हारी याद आई। काश ! यादों से पहले तुम मेरे पास आ सकतीं..... तो ये तन्हाई न होती। तुम मेरी बांहों में होतीं.....मैं तुमको जी भरके प्यार कर रहा होता। शायद ऐसा हो सके..... शुभ रात्रि
12.1.2026
कैसी हो.....! आखिर तुमने मेरे लिए अपना कीमती वक्त निकाल ही लिया.....इसके लिए बहुत बहुत शुक्रिया ! वैसे तुम्हारे पास मेरे जैसे फालतू लोगों के लिए वक्त ही कहां है....तुम रात को 1:00 बजे whatsapp तो देख सकती हो, लेकिन मेरे लिए...., मेरी खुशी के लिए दो शब्द लिखना शायद जरूरी नहीं समझतीं। सामने पड़ जाती हो तो नजरें भी नहीं मिलातीं। खैर छोड़ो....इन गिले शिकवों को लेकर बैठूंगा तो लंबी लिस्ट बन जाएगी और हल कुछ निकलना भी नहीं ! तुम्हारे लिए सुख का मतलब गाड़ी, बंगला, रुपया पैसा, प्रतिष्ठा है......और मेरे लिए सिर्फ तुम ! अगर तुम भी नहीं तो तुम्हारी यादें मेरे लिए उम्र के लिए काफी हैं। सबकी चाहतें अपनी अलग अलग होती हैं.....मेरी चाहत तुम हो और तुम्हारी....! मैं इतना कमजोर नहीं कि जिंदगी से हार जाऊं... मैं अपने हर दर्द को खुशी बना लूंगा ! अब बंद करता हूँ...... तुमको जान कह सकता हूं.....तुम नाराज तो नहीं हो...मैने कुछ गलत लिख दिया हो तो sorry ! शुभ रात्रि
24.1.2026
कैसी हो मेरी जान....! तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो...... चूम ही लेता होंठ तुम्हारे पास जो तुम मेरे होतीं। लेकिन पास होती भी कैसे....पास आने के लिए तुमने कभी सोचा ही नहीं। मेरा मानना है इंसान को जिंदगी जी भरके जीनी चाहिए.....मालिक ने जीवन जीने के लिए दिया है... डरने के लिए....शिकायतों के लिए या फिर सपनों को दफन करने के लिए नहीं। मेरे मन में जिसके लिए जो कुछ भी कभी हुआ, मैंने कहने में देर नहीं की....तुमसे भी नहीं ! मैं तुमसे आज फिर दोहरा रहा हूं 'हां मैं तुमसे प्यार करता हूं....और हमेशा करता रहूंगा.....। तुम चाहे मुझे याद न करो....मुझे भुला दो, न मिलो। सब्र कर लिया है मैंने......मैं गुनगुना लेता हूं तुम्हें याद करके....बात कर लेता हूं फुर्सत में तुमसे.....रोमेंटिक मूड होने पर भर लेता हूं तुमको अपनी बांहों में......! खुद को रोक सकती हो तुम.....लेकिन मेरे ख्यालों में आने से अपने आपको नहीं रोक सकतीं। मृग की नाभि में कस्तूरी होती है लेकिन वह उम्र भर उसे बाहर ही खोजता रहता है। ऐसे ही तुम मुझमें समाई हो......तो फिर बाहर खोजने की जरूरत ही क्या। काफी लिख चुका हूं अब बंद करता हूं....शुभ रात्रि यारा।
1.2.26
तुम तो फुर्सत के क्षणों में पढ़ लेती हो मुझको....मेरी लिखी भावनाओं को। लेकिन मेरा क्या.....मुझे तो तुम पढ़ने का भी मौका नहीं देतीं। अगर मैं कहूंगा कि चलो मिलते हैं.....तो मैं तो इंतजार करके वापस लौट आता हूं......और तुम आती ही नहीं। अब तुम ही बता दो कि हम कब मिलेंगे.....कहां मिलेंगे मैं समझता हूं तुम्हारी कुछ दिक्कतें हैं.....इसीलिए कह रहा हूं, तुम जहां आसानी से आ सकती हो मुझे बता दो......हम मिल लेंगे। बताओ न यार.....मन कितना बेचैन है तुमसे मिलने के लिए......तुम्हारा साथ पाने के लिए.....कुछ सकून के पल साथ तुम्हारे साथ बिताने के लिए; मैं तुमको कैसे बताऊं ! बता दो न....अब मिल भी लो। बहुत बेचैन हूं मैं अपनी राधे से मिलने के लिए.....अपनी राधे का साथ पाने के लिए ! बताओगी न.....शुभ रात्रि मेरी जान
4.2.26
बिखरा के जुल्फें झुक जाओ मुझपे मिलने दो साया तपते बदन को......इस रूह को सकून मिल जाए.... सकून मिल जाए तुम्हारी भी रूह को......, इस मिलन को अंजाम दे दो राधे.....! छू लेने दो अपने लरजते होंठों को....घुल जाने दो मेरी सांसों को अपनी सांसों में....मेरी धडकनों को अपनी धडकनों में ! अब अपने आप पर काबू नहीं होता मेरा....जी चाहता है तुम्हारी सुंदरता को निचोड़ लूं अपने आप में....! तुम नजरें झुका लो अपनी, मैं खोल लूं ब्रा के हुक....निहार लूं तुम्हारे संगमरमरी बदन को....जी भरके पी लूं मादक उभारों को.....मेरी गर्म सांसों को महसूस करो अपनी गर्दन पर.... हटा दूं पैंटी को....इसकी गंध मुझे बौराये देती है...तुम्हारी सिसकारियां मेरे बदन में तूफान उठा रही हैं राधे.....शरीरों की रग रग आतुर है तुममें समाने को...... चलो आज हम दोनों समा जाएं एक दूजे में ! हर बेचैनी, हर दर्द का मरहम तुम हो राधे। तुम नाराज न होना....ये हकीकत है दो तड़पती रूहों की.....अब ये शर्म छोड़ भी दो यारा। तुम अपने दिल की न कहो लेकिन मुझे तो कह लेने दो।शुभ रात्रि
7.2.26
कैसी हो मेरी जान......! मैं यहां हूं और तुम वहां.....पता नहीं जिंदगी है कहां। दो धड़कनें उतावली हैं एक दूजे में समाने के लिए....... दो रूहें तड़प रही हैं मिलन के लिए.....लेकिन बीच में हैं समाज की झूठी दीवारें, जिनको तुम लांघ नहीं पा रही हो राधे ! मैं तो सिर्फ ये कह रहा हूं कि चोरी चोरी चुपके चुपके क्या नहीं हो सकता......! क्यूं सजा दे रही हो अपने आपको और मुझे। अगर तुम मेरे पास होतीं तो हमारी हर रात रंगीन होती......अगर खुद को पत्नी मानती हो मेरी..... तो उसका धर्म भी निभा दो यारा। दिन तो गुजर जाता है लेकिन ये रातें नहीं गुजरती मेरी.....! सर्दी की इन रातों में हम दोनों एक कंबल में हों......होंठों से शुरू करके चूमते हुए पहुंच जाऊं वहां तक.....और फड़फड़ा उठो तुम भी.....इसकी गहराइयों में समा लो मेरे अंग को ! तुम्हारे साथ जिंदगी का हर पल जीना चाहता हूं राधे....मुझे अपने करीब कर लो। शुभ रात्रि
8.2.26
How are you my love.....! मैं अपनी दोनों पत्नियों के लिए समर्पित हूं......गौरी के लिए भी, और तुम्हारे लिए भी ! लेकिन मेरे लिए अपना पति धर्म तुमको भी निभाना पड़ेगा राधे.....! जाने वाला तो एक दिन जायेगा जरूर......उसके लिए बेवजह परेशान मत होना.......जो चला गया उसे जाने दो और जो जाना चाहता है उसे भी रोको मत......, तुम्हारे कहने पर वो कुछ समय के लिए भले रुक जाए लेकिन अंततः जायेगा जरूर....। तुम मेरे लिए अपने कर्तव्य निभाते जाओ.....मैं अपने कर्तव्यों से कभी विमुख नहीं हो सकता.... मैं अपनी आखिरी सांस भी तुम्हारे नाम लिख दूंगा राधे ! तुम्हारे कड़वे अनुभवों को मैं अपने प्यार की चाशनी से सराबोर कर दूंगा। तुम एक बार मुझ पर अपना सर्वस्य लुटा कर तो देखो......तुम पर अपनी जिंदगी न लुटा दूं तो कहना ! और बताओ....दिल का मौसम कैसा है......चलो कुछ रोमेंटिक हो जाएं...! मुझे कान रखकर सुन लेने दो अपने दिल की धड़कनें.....जान लो मेरे तुम मन की हसरतें.....! अब बंद करता हूं, जाते जाते एक चुंबन तो देती जाओ.... बाकी बाद में ! शुभ रात्रि जान
1.3.2026
कैसी हो मेरी जान....! सोचता हूं या तो मैं पागल हो गया गया हूं या फिर तुम ज्यादा अक्लमंद हो गई हो....क्योंकि मैसेज डालने तुम बंद तुम करती हो वो भी बेवजह, और उनको शुरू करने की पहल भी मैं करूं.....! लेकिन चलो ये मैं ही करता हूं....तुम अपनी Ego बरकरार रखिए। क्योंकि मैं निभाने में विश्वास करता हूं, तोड़ने में नहीं ! न ही मैं तुमसे कोई Ego रखना चाहता हूं.....मेरे लिए पहले तुम हो। अगर तुम मुझे छोड़ना ही चाहती हो तो मुझे नॉर्मली बता दो, मैं खुशी खुशी तुम्हारी जिंदगी से बहुत दूर चला जाऊंगा। इतना तो समझो यार मैं भी इंसान हूं......दर्द मुझे भी होता है। तुम
बेवजह बात बढ़ाती हो तो गुस्सा मुझे भी आता है.....और तुमसे गुस्सा करने का हक मुझे भी है। तुमको होली की ढेरों शुभकामनाएं.....मैंने तो हमेशा ये ही कोशिश की है कि तुम्हारी जिंदगी को मुहब्बत के रंगों से सजा दूं। खुश रहा करो जाना....और मेरे जीवन में भी खुशियां भर दो। जीवन कुछ भी नहीं है सिर्फ हमारे प्यार की कहानी है....इस कहानी का अंत खुशनुमा होना चाहिए। अब चुपके से एक चुंबन तो दे दो।
Good night.
6.3.2026
मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं......लेकिन तुमने मुझको बहुत दुख और दर्द दिया है राधे....। मैं मना नहीं करूंगा तुम मुझे आजमाती रहो....मैं जैसा आज हूं ऐसा ही मुझे हमेशा पाओगी तुम...! मैं तुमको न कभी बुरा कहूंगा और न कभी तुम्हारा बुरा चाहूंगा। लेकिन एक बात समझ लो.... ईश्वर सब देख रहा है......अगर किसी बेकसूर को इतना सताओगी तो दर्द तुम्हारे हिस्से में भी जरूर आयेगा। पाप की भागीदार मत बनो राधे......! अगर तुम सोच रही हो कि मैं तुमको emotional blackmail कर रहा हूं तो मुझे कसम है अपने बच्चों की..... कि मैं कभी किसी के साथ ऐसा करूं। कष्ट तो मुझे मिलना ही है.....एक और सही, मैं इतना कमजोर भी नहीं कि जीवन से हार मान लूं......तुम अपने सितम जारी रखो। शुभ रात्रि
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