Chanakya Niti: रुकिए! हार मानने से पहले पढ़ लें चाणक्य की ये बातें | असफलता से सफलता तक
Chanakya Niti: हार मानने से पहले पढ़ लें चाणक्य की ये बातें Chanakya Niti: रुकिए! हार मानने से पहले पढ़ लें चाणक्य की ये बातें Chanakya Niti जीवन को समझने का वह शास्त्र है, जो हमें सिखाता है कि हार और जीत बाहरी परिस्थितियों से नहीं, बल्कि हमारे मन की स्थिति से तय होती है। आचार्य चाणक्य के अनुसार, असली हार वही है जो इंसान अपने मन में स्वीकार कर लेता है। जीवन में हर व्यक्ति संघर्ष करता है। कोई पढ़ाई में, कोई करियर में, कोई रिश्तों में तो कोई आर्थिक समस्याओं से जूझता है। लेकिन चाणक्य नीति कहती है कि परिस्थितियाँ चाहे जितनी कठिन हों, यदि मन मजबूत है तो हार संभव नहीं। Chanakya Niti के अनुसार असली हार क्या है? आचार्य चाणक्य स्पष्ट कहते हैं कि शारीरिक हार या अस्थायी असफलता कोई हार नहीं होती। असली हार तब होती है, जब इंसान खुद से कह देता है – “अब मुझसे नहीं होगा।” “जो व्यक्ति मन से हार मान लेता है, वह जीते हुए युद्ध में भी हार जाता है।” – चाणक्य नीति आज के समय में यही मानसिक हार सबसे बड़ा कारण है, जिसके कारण लोग अपने सपनों को अधूरा छोड़ देते हैं। ...